December 10, 2022
Self Confidence Poems in Hindi

5 Self Confidence Poems in Hindi | आत्मविश्वास बढाने के लिए कविताएँ

आप कितने ही ज्ञानी क्यूँ ना हो अगर आपके अंदर आत्मविश्वास (Self Confidence) नहीं है तो आप अपनी जिन्दगी में कुछ नहीं कर पाओगे। मैं आज जो आत्मविश्वास पर कविता “Self Confidence Poems in Hindi” आपके साथ शेयर करने जा रहा हू इस से आपके अन्दर का विश्वास बढेगा।

Self Confidence Poems in Hindi

अक्सर देखा गया है कि लोग कुछ करने की इच्छा तो रखते है लेकिन कर नहीं पाते क्यों, क्योंकि उनके अन्दर आत्मविश्वास (अपने उपर विश्वास) की कमी होती है। उन्हें खुद पर ही विश्वास नहीं होता और जिन्हें खुद पर ही विश्वास नहीं होता वो जिन्दगी में भला क्या कर सकता है। अगर आपको जीवन में आगे निकलना है तो सबसे पहले खुद पर विश्वास करना होगा। अपने इरादों को मजबूत करना होगा।

लोग अपना आत्मविश्वास बढाने के लिए Motivational Quotes पढ़ते है, Self Confidence Tips पढ़ते है, Sandeep Maheshwari की videos देखते है और ना जाने क्या-क्या करते है। आप अपना आत्मविश्वास बढाने के लिए Inspirational Poems (Poems on Self Confidence in Hindi) पढ़ सकते है जो मैं इस आर्टिकल में लिख रहा हूँ।

Best Short Self Confidence Poems in Hindi – आपका आत्मविश्वास बढाती एक प्रेरक कविता

#01 – नन्ही चींटी (Inspiring Self Confidence Poems in Hindi)

लहरों से डर कर कभी नौका पार नहीं होती,

हिम्मत करने वालो की कभी हार नहीं होती।

नन्ही चींटी जब दाना लेकर चलती है,

चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है…

मन का विश्वास रगों में साहस बनता है…

चढ़ कर गिरना और गिर का चढ़ना, ना अखरता है।

आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,

कोशिश करने वालो की हार नहीं होती।

 

असफलता एक चुनौती है स्वीकार करो,

क्या कमी रह गई उसका सुधार करो।

जब तक ना सफल हो नींद चैन को त्यागो तुम,

संघर्षो का मैदान छोड़ मत भागो तुम…

कुछ किये बिना ही जय-जयकार नहीं होती,

हिम्मत करने वालो की कभी हार नही होती।

#02 – बस चलते रहना (Short Motivational Self Confidence Poems in Hindi)

तुम्हारे सारे सपने तुमको मिलेंगे,

एक दिन यहाँ भी फूल खिलेंगे,

तुम्हारे मन के सारे भ्रम हटेंगे,

कठिनाइयों में भी रास्ते मिलेंगे,

बस तुम चलते रहना…

 

नील गगन की ऊंचाईयां भी कम हो जाएगी,

समुन्दर की गहराइयाँ भी कम हो जाएगी,

मन का आत्मविश्वास इतना बढ़ जाएगा,

कि रास्ते की परेशानियाँ भी कम हो जाएगी।

बस तुम चलते रहना…

 

कठिनाइयों को पछाड़ते हुए निकलोगे बहुत आगे,

खुलेगा किस्मत का टाला, सोई हुई किस्मत जागे,

बदलती दुनिया में तुम निकलोगे सबसे आगे,

खुद पे भरोसा करके यदि लक्ष्य की ओर तुम भागे।

बस तुम चलते रहना…

 

डरावनी काली रात जायगी,

जिन्दगी की नई सुबह आएगी,

ख़ुशी हर पल आपके साथ खिलखिलाएगी,

जिन्दगी हर पल सफलता का राग गाएगी।

बस तुम चलते रहना…

#03 – ऊँची उड़ान (Hindi Motivational Self Confidence Poems)

अपनी जिन्दगी में एक ऊँची उड़ान चाहता हू मैं,

लाइफ में आगे बढ़ना चाहता हूँ मैं,

मैं जानता हूँ रास्ते में खतरे तो बहुत है,

लेकिन हर खतरे का सामना चाहता हूँ मैं,

क्योंकि लाइफ में आगे बढ़ना चाहता हूँ मैं,

निराश हूँ बहुत आज मैं,

पर एक दिन ख़ुशी से उछलना चाहता हूँ मैं,

अपने उस मुस्कुराते हुए चेहरे को फिर से मुस्कुराते हुए देखना चाहता हूँ मैं,

लाइफ में आगे बढ़ना चाहता हूँ मैं,

एक ऊँची उड़ान चाहता हूँ मै,

अपने सपनो पर पंख लगाकर आसमा में उड़ना चाहता हूँ मैं,

हर सपने को अपनी आँखों से पूरा होते हुए देखना चाहता हूँ मैं,

एक ऊँची उड़ान भरना चाहता हूँ मैं,

कैसा लगता है उस नीले आसमा में उड़ना,

उड़कर महसूस करना चाहता हूँ मैं,

एक ऊँची उड़ान चाहता हूँ मैं,

उस सफलता के शिखर को उड़कर चूमना चाहता हूँ मै,

हजारो चेहरों की मुसकुराहट को एक साथ महसूस करना चाहता हूँ मैं,

उन हजारो मुस्कुराते हुए चेहरे का कारण बनना चाहता हूँ मैं,

उस नीले आसमा के निचे पंख फैला कर उड़ना चाहता हूँ मैं,

एक ऊँची उड़ान चाहता हूँ मैं…

#04 – लोग तो (Very Short Poems on Self Confidence in Hindi)

लोग तो आसमा से चाँद तारे तोड़कर लाने की बात करते है,

पर हम तो वो है जो चाँद सितारों से भरे पूरे आसमा को ही जमीन पर ले आते है।

लोग तो तूफ़ान में से कश्ती निकलने की बात करते है,

पर हम तो वो है जो तूफ़ान का ही रुख मोड़ देते है।

लोग तो मुसीबत में न घबराने की बात करते है,

पर हम तो वो है जो मुसीबतों में ही घबराहट पैदा कर देते है।

लोग तो असफलताओं के सामने घुटने टेक देते है,

पर हम तो वो है जो सफलता को भी विफल कर देते है।

#05 – साहस (Self Confidence Poem in Hindi for Students)

मोम सा ये सीना जब अंगारा बन के जल उठा,

मंजिलो का मुझसे मिलने को मचल उठा,

शांत से तालाब में जब सागर सा लहर उठा,

मंजिलो का मुझसे मिलने को दिल मचल उठा

मोम सा ये सीना जब अंगारा बन के जल उठा।

 

खुशियों के इंतज़ार में गम के कई समुन्दरो को पार किया,

पर हर आस की कश्ती को,

कुछ तूफानों ने उजाड़ दिया,

पर ये समुन्दर भी सूख गए,

ये आंधियाँ भी खो गई,

जब आस की कश्ती से उतर कर खुद संभल उठा,

मोम सा ये सीना जब अंगारा बन कर जल उठा,

हर गम को पी गया आशाओं की याद में,

पर आधी उम्र गुजर गई खुशियों के इंतज़ार में,

पर ये बदल भी छट गए, ये आसमा भी खिल उठा,

जब अँधेरे को चीरने, रक्त के कण कण से कोई दल उठा,

मोम सा ये सीना जब अंगारा बन कर जल उठा।

 

ये धरती दहल रही, था आसमा भी जल रहा,

ये गमो का सूरज था, जाने क्यूँ न ढल रहा,

पर ये सूरज भी छुप गया, बादलो की आड़ में,

अन्दर छुपा साहस जब, पसीना बन बरस उठा,

मोम सा ये सीना जब अंगारा बन के जल उठा,

मंजिलो का मुझसे मिलने को दिल मचल उठा…

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आशा करता हूँ आपको ये Self Confidence Poems in Hindi (आत्मविश्वास पर कविता) अच्छी लगी होंगी। इन Hindi Poems on “Self Confidence” को शेयर करे ताकि और लोगो तक ये कविता पहुंचे। साथ ही हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब करना बिलकुल ना भूले।

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